सीरिया और इराक में रह रहे लोगों को युद्ध और हिंसक अशांति के कारण वर्षों से अपार पीढ़ा का सामना करना पड़ रहा है l हम विश्वास करते हैं, कि सीरिया और इराक में रह रहे सभी लोगों का  जीवन, उनकी आजीविका और स्वतंत्रता अति सुरक्षित होनी चाहिए जिस में ईसाई समुदाय भी शामिल है l

With 1 supporters
60.6088%
We still need 1 Supporters

Petition

याचिका

आशा की लाखों आवाज़ें

सेवा में- संयुक्त राष्ट्र महासचिव :

सीरिया और इराक में रह रहे लोगों को युद्ध और हिंसक अशांति के कारण वर्षों से अपार पीढ़ा का सामना करना पड़ रहा है l हम विश्वास करते हैं, कि सीरिया और इराक में रह रहे सभी लोगों का  जीवन, उनकी आजीविका और स्वतंत्रता अति सुरक्षित होनी चाहिए जिस में ईसाई समुदाय भी शामिल है

इन दोनों ही देशों में चर्च ने पिछले 2000 सालों से अधिक समय से समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिर भी ईसाई समुदाय पर लक्षित हिंसा और भयंकर उत्पीड़न जारी है। ईसाई समुदाय उनके अपने देश में आने वाले वर्षों में आशा, करुणा और एक सुंदर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्वदेश में एक सुंदर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए तत्काल बदलाव की ज़रूरत है।

हम यह बर्दाश्त नहीं कर सकते, कि ईसाई समुदाय और अन्य मध्य पूर्व के लोग अभूतपूर्व खतरे का सामना कर रहे हों हमें उन्हें आशा भरोसा देना चाहिए।

इसलिए, हम आप से आग्रह करते हैं, कि सीरिया और इराक में ईसाई अन्य धार्मिक समूहों की ओर से आप अपने सभी कार्यालयों का उपयोग अधिकाधिक करें। 

        * सुनिश्चित करें कि सीरिया और इराक में वर्तमान और भविष्य की कानूनी व्यवस्थाएं, सामान नागरिकता, और अविच्छेद्य अधिकारों को पूरी तरह से बढ़ावा देने के लिए, अधिकारों की रक्षा, किसी भी जाति धर्म अन्य किसी भी तरह की स्तिथि के बावजूद सभी नागरिकों के लिए बराबर रहेंगी 

        *सुनिश्चित करें कि शरणार्थियों के लौटने पर सभी नागरिकों के रहने की व्यवस्था का सम्मानजनक और उनके रहने के स्तर में निरंतर सुधार और आंतरिक रूप से विस्थापितों कोपर्याप्त आवास, शिक्षा और रोजगार के प्रावधान सहित सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

        * उन धार्मिक नेताओं और विश्वास आधारित संगठनों की पहचान करें और उन्हें तैयार प्रोत्साहित करें जो मेल मिलाप, सीरियाई और इराकी समाज के पुनर्निर्माण में एक रचनात्मक और केंद्रीय भूमिका निभाएं। 

आप को इस याचिका पर हस्ताक्षर क्यों करना चाहिए। 

आशा की लाखों आवाज़ें

क्या आप सीरिया और इराक में ईसाइयों के लिए अपनी आवाज उठाना चाहते हैं ?

सीरिया और इराक में रह रहे लोगों को युद्ध और हिंसक अशांति के कारण वर्षों से अपार पीढ़ा का सामना करना पड़ रहा है l हम विश्वास करते हैं, कि सीरिया और इराक में रह रहे सभी लोगों का जीवन, उनकी आजीविका और स्वतंत्रता अति सुरक्षित होनी चाहिए जिस में ईसाई समुदाय भी शामिल है l

इन दोनों देशों में ईसाइयों ने लगभग 2,000 साल से अधिक समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और आने वाले वर्षों में आशा और करुणा का एक मज़बूत गढ़ बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ईसाई समुदाय को लक्षित हिंसा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी ईसाई, अपने और स्वदेशी ईसाईयों के लिए एक भविष्य सुनिश्चित करना चाहते हैं।

हम यह बर्दाश्त नहीं कर सकते, कि ईसाई समुदाय और अन्य मध्य पूर्व के लोग अभूतपूर्व खतरे का सामना कर रहे हों, और उन्हें विनाश की धमकी दी जा रही हो। हम उन्हें आशा भरोसा देना चाहते हैं।

क्या आप हमारे साथ सीरिया और इराक में ईसाइयों के लिए प्रार्थना और वकालत में आशा की 10 लाख आवाज़ें जुटाने में शामिल होना चाहेंगे ?

हमें दुनिया को एक ज़ोरदार और संभव आवाज़ के साथ बताना चाहिए कि इन देशों में ईसाइयों के लिए एक वास्तविक भविष्य की गारंटी देने के लिए क्या किया जाना चाहिए। 

क्या आप अपनी आवाज जोड़ना चाहेंगे और फर्क पैदा करना चाहेंगे ?

मैं अपने साथी इराकियों को बताना चाहती हूँ कि हम इराक में मेहमान नहीं हैं। हमारे पूर्वजों ने इस देश का निर्माण किया है। मुझसे एक बहन के रूप में व्यवहार करिए, कि एक अतिथि के रूप में।

इराकी ईसाई।

कृपया हमारे बारे में एक परेशान अल्पसंख्यक के रूप में बात करें, हम अपने आप को एक शान्त बहुसंख्यक क्षेत्र का हिस्सा मानते हैं जो शांति से एक साथ इस क्षेत्र में रहना चाहता है।

सीरियाई ईसाई।

गोपनीयता का कथन

इस अभियान में भाग लेने के लिए ,  केवल नाम और राष्ट्रीयता की जरूरत है। व्यक्तिगत जानकारी जैसे पता या ईमेल की आवश्यकता नहीं है

आप याचिका के साथ क्या करेंगे?

अभियान टीम जून 2017 में संयुक्त राष्ट्र के नए महासचिव को यह याचिका पेश करेंगे।

वो व्यक्ति जिसने सभी उठाए गए मुद्दों का अवलोकन किया है, यदि इस याचिका को कार्यालय में उनके कार्यकाल की शुरुआत में ही एजेंडे में शामिल कर दे तो इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा।

इसके अलावा, अब से लेकर और जून 2017 के बीच , सहकर्मियों और दुनिया भर में हमारे भागीदार विभिन्न लोगों और संगठनों  के बीच इस अवाज़ को उठाएंगे जिनका  इस अभियान की सिफारिशों से प्रत्येक पर सीधा प्रभाव पड़ता है और यह सही मायने में ज़मीनी स्तर  पर एक बड़ा फर्क पैदा कर कर सकता है।

कैसे याचिका का फैसला किया गया था?

हमने सितंबर 2015 और मार्च 2016 के बीच सीरिया और इराक में ईसाइयों के साथ मिलकर व्यापक विचारविमर्श का आयोजन किया। इस से हमें मध्य पूर्व में ईसाइयों को उनके समाज के भीतर अपनी भूमिका को समझने में बहुत बड़ी सहायता मिली। हमें उनकी जरूरतों का पता लगाने, और मध्य पूर्व में ईसाइयों के साथ हम कैसे खड़े हो सकते हैं स्पष्ट निश्चित समझ हासिल करने में बहुत बड़ी सहायता मिली। वो सिफारिशें  जो इन विचारविमर्श के बाद बाहर निकल कर अायी  , वह तीन श्रेणियों में मोटे तौर पर सम्मिलित हो जाती हैं। ये तीन श्रेणियाँ इस याचिका की सामग्री और अहवान को परिभाषित करती हैं.

Petition by,
Million4Hope

New and Updates

Sign it!

    فريق الحملة

    3 1